29/05/2024 8:10 am

www.cnindia.in

Search
Close this search box.

become an author

29/05/2024 8:11 am

Search
Close this search box.

पश्चिम बंगाल में पंचायती राज चुनाव में केंद्रीय सुरक्षाबलों की तैनाती के आदेश।कांग्रेस और वामपंथियों को पश्चिम बंगाल में लोकतंत्र खतरे में नजर नहीं आता।

देश के करीब 12 राज्यों में गैर भाजपा दलों की सरकार हैं और 545 लोकसभा के सांसदों में से करीब 200 सांसद भाजपा विरोधी हैं, लेकिन फिर भी कांग्रेस वामपंथी और अन्य दलों को देश में लोकतंत्र खतरे में नजर आता है। राहुल गांधी का तो विदेशों में कहना है कि नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्री रहते हुए लोकतंत्र खत्म हो रहा है। आपराधिक कृत्य में संसद सदस्यता चले जाने के बाद राहुल गांधी को लगता है कि भारत में लोकतंत्र नहीं है। लेकिन कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों को पश्चिम बंगाल में लोकतंत्र खतरे में नजर नहीं आता है। बंगाल में इन दिनों पंचायती राज के चुनाव हो रहे हैं। सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस का प्रयास है कि नामांकन उन्हीं की पार्टी के उम्मीदवारों का हो। अन्य राजनीतिक दलों को डराने के लिए गोलियां और बमों का इस्तेमाल हो रहा है। बंगाल में चारों तरफ हिंसा का माहौल है। जब नामांकन नहीं करने दिया जा रहा तो मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की पार्टी की एकतरफा जीत होगी ही। लेकिन कांग्रेस सहित विपक्षी दल बंगाल की हिंसा का विरोध नहीं कर रहा है। अब बंगाल हाईकोर्ट ने पंचायती राज चुनाव के दौरान केंद्रीय सुरक्षा बलों की तैनाती के आदेश राज्य चुनाव आयोग को दिए हैं। जनहित याचिका पर निर्णय देते हुए चीफ जस्टिस टीएस शिवज्ञानम और जस्टिस हिरनम भट्टाचार्य की बेंच ने अपने आदेश में कहा है कि राज्य पुलिस की संख्या को ध्यान में रखते हुए केंद्रीय सुरक्षा बल तैनात किए जाएं। हाईकोर्ट के आदेश से अंदाजा लगाया जा सकता है कि बंगाल पुलिस किस की नौकरी कर रही है। यदि पुलिस निष्पक्ष होती तो हाईकोर्ट को केंद्रीय बलों को आदेश नहीं देने पड़ते। ममता बनर्जी बंगाल में अन्य दलों के उम्मीदवारों के नामांकन तक नहीं भरने दे रही है। वहीं पीएम मोदी पर लोकतंत्र को खत्म करने का आरोप लगा रही है। ममता ने बंगाल से कांग्रेस का सूपड़ा साफ कर दिया है। बंगाल में कांग्रेस का एक भी विधायक नहीं है, लेकिन फिर भी बंगाल की हिंसा पर राहुल गांधी चुप है। राहुल को लगता है कि उन्हें प्रधानमंत्री बनाने में ममता बनर्जी सहयोग करेंगी। बंगाल के पंचायती राज चुनाव में वही हो रहा है जो ममता बनर्जी चाहती है। मीडिया भी बंगाल की हिंसा पर चुप है। मीडिया चैनलों पर राहुल गांधी और ममता के मोदी विरोधी बयानों को प्रमुखता से दिखाया जाता है लेकिन बंगाल की चुनावी हिंसा पर कवरेज नहीं होता है।

cnindia
Author: cnindia

Leave a Comment

विज्ञापन

जरूर पढ़े

नवीनतम

Content Table