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दुनिया का सबसे बडा खुलासा ईश्वर का कोई अस्तित्व नहीं

स्विटजरलैंन्ड जेनेवा वैज्ञानिक शोध संस्था ने यह खुलासा किया है कि दुनिया किसी ईश्र्वर ने नहीं बनाई है, बल्कि कवाकॅ लेबोनेन नाम के कणों से निर्मित हुई है, जिसकी वजह से ब्रह्मांड यानि कि दुनिया निर्मित हुई है, दुनिया बनाने वाला इस कण की शोध को वैज्ञानिक दुनिया की सबसे बडी शोध बताते हैं।यह खोज 1980 से शुरू की थी जिसमें विश्र्व भर के वैज्ञानिकों की टीम कार्यरत थी, जिसमें भारत से बलदेव राज डावर नामक वैज्ञानिक भी शामिल थे और महा वैज्ञानिक हीग बोशन भी शामिल थे, उन्होंने यह परीक्षण दो बार किया और नतीजा एक जैसा ही आया और सिद्ध किया कि कवाकॅ लेबेनोन नाम के कणों ने एक प्रचंड शक्ति से पृथ्वी, जल, हवा, सूरज, चांद, पेंड पौधे स्वयं निर्मित किए है, इसके पीछे कोई ईश्वर का करिश्मा या चमत्कार नहीं है। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि आज से 2500 साल पहले तथागत बुद्ध ने बताया था कि दुनिया स्वयं संचालित है, इसको चलाने वाला कोई नहीं है, लेकिन बुद्ध की वैज्ञानिक बातों को दबाकर सभी धर्मों ने काल्पनिक ईश्वरीय स्वर्ग/नर्क की सत्ता को लोगों पर थोप दिया।   तथागत गौतम बुद्ध ने पहले इस बात का जिक्र किया था कि हमारा शरीर चार तत्वों से बना है और ‘चेतना’ की वजह से हम जीवित हैं, किसी ईश्वर की वजह से नहीं। वैज्ञानिक शोध के अनुसार यही चार तत्व पृथ्वी, हवा, जल और अग्नि हैं, और इन चार तत्वों का निर्माण कवाकॅ लेबेनोन नाम के कण से हुआ है, इन चार तत्वों को अलग-अलग करोगे तो वैज्ञानिक दृष्टकोण सामने आएगा, जैसे
जल=हाइड्रोजन+ऑक्सीजन,
वायु=ऑक्सीजन+नाइट्रोजन+अन्य
अग्नि= ऊष्मा,
पृथ्वी=कार्बन+फॉस्फोरस+ कैलसियम+आयरन+अनेक तत्व।

धार्मिक धूर्तों ने सुपर साइंटिस्ट बुद्ध के बताए इन चार तत्वों में आकाश को जोड़कर पांच तत्व बना दिया जबकि आकाश तो खाली (स्पेस) है जो सूर्य के प्रकाश के कारण नीला दिखता है।
ईश्वर को धर्मों ने पैदा किया है, धर्म के धूर्त ठेकेदार काल्पनिक ईश्वर की दो काल्पनिक दुनिया “स्वर्ग का लालच” और “नर्क का डर” दिखाकर भोले-भाले लोगों को अपने-अपने ईश्वर की भक्ति के लिए मजबूर करते हैं फिर ये ईश्वरीय दलाल पण्डित मौलवी और पादरी बनकर अपने-अपने ईश्वरीय भक्तो  का जमकर आर्थिक, शारीरिक और मानसिक शोषण करते हैं।उपरोक्त वैज्ञानिक शोध से यह सिद्ध होता है कि ईश्वर का कोई अस्तित्व नहीं है, दुनिया के सभी धर्म गुरूओं ने यही गलत प्रचार किया था कि सृष्टि की रचना उसके अपने मसीहा ने की थी हालांकि यह बात आज वैज्ञानिक दृष्टिकोण से भी सरासर गलत साबित हो चुकी है, लेकिन धार्मिक मान्यताओं का मैनजमेंट इतना जबरदस्त है कि हम चाहते हुए भी ईश्वरीय झूठ की सत्ता से आजाद नहीं हो पा रहे हैं।अतः अपने दिमाग से काल्पनिक ईश्वरीय लालच और डर को बिल्कुल निकाल दीजिए और मानसिक रूप से स्वतंत्र हो जाइए फिर सत्य अहिंसा प्रेम और समानता का जीवन जिएं और ऐसा जीवन जीने के लिए अन्य लोगों को भी प्रेरित करें, यही आनन्द का जीवन है, इसी में प्रकृति और मानवता का कल्याण निहित है।पृथ्वी पर तीन प्रकार का पॉल्यूशन होता है, सोइल पॉल्यूशन, वाटर पॉल्यूशन और एयर पॉल्यूशन, इनके अलावा एक और चौथे प्रकार का पॉल्यूशन होता है जो हमें दिखाई नही देता, वह पॉल्यूशन है, माइंड पॉल्यूशन जिसे धर्मों के धूर्त ठेकेदार फैलाते हैं। जो पहले तीन प्रकार के पॉल्यूशन का कारण है, माइंड पॉल्यूशन की वजह से ब्रह्मांड में सबसे सुंदर अनूठी ‘हमारी पृथ्वी’ आज नष्ट होने के कगार पर खड़ी हुई है।यदि आपको अपनी ‘सुंदर पृथ्वी’ को बचाना है तो पण्डित, मौलवी और पादरी की हर बात को तार्किक दृष्टिकोण से परखना होगा, काल्पनिक ईश्वरीय सत्ता के स्वर्ग/नर्क के लालच/डर को नकारना होगा तथा हर व्यक्ति को वैज्ञानिक दृष्टिकोण और अपने विवेक को अपनाना होगा।

 

 

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Author: cnindia

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